ग्राम पंचायत कुटेला में रोजगार गारंटी कार्य में बड़ा फर्जीवाड़ा, एक ही डबरी को कागज में तीन बार गहरी करण, बिना सरपंच के हस्ताक्षर के निकाले पैसे, जांच टीम को देखकर जांच स्थान से भागी महिला रोजगार सहायक।
मल्हार (मस्तुरी) ग्राम पंचायत कुटेला में मनरेगा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत एक बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां की महिला रोजगार सहायक शशि प्रभा कुर्रे पर फर्जी मस्टररोल तैयार कर शासकीय धन का गबन करने का गंभीर आरोप लगा है। मामले की शिकायत कलेक्टर से होने के बाद जब जांच टीम मौके पर पहुंची, तो महिला रोजगार सहायक टीम को देखकर मौके से फरार हो गई।एक ही डबरी को कागजों में खोदा तीन बार ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, रोजगार सहायक ने पंचायत में भ्रष्टाचार की सारी हदें पार कर दीं

। ग्राम पंचायत कुटेला में स्थित एक ही डबरी (छोटा तालाब) को कागजों में तीन अलग-अलग बार खोदना दिखाया गया। इसके लिए फर्जी मस्टररोल तैयार किए गए और उन ग्रामीणों के नाम पर हाजिरी चढ़ाई गई जिन्होंने कभी वहां काम ही नहीं किया था।बिना सरपंच के हस्ताक्षर के हुआ भुगतानइस पूरे फर्जीवाड़े की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नियम-कायदों को ताक पर रखकर वित्तीय गड़बड़ी की गई।

रोजगार सहायक ने बिना सरपंच के हस्ताक्षर (साइन) और बिना उनकी जानकारी के बैंक से लाखों रुपये की राशि आहरित (निकाल) कर ली। जब सरपंच और ग्रामीणों को इस बात की भनक लगी, तो उन्होंने इसकी लिखित शिकायत सीधे जिला कलेक्टर से की।
जांच टीम को देख दुम दबाकर भागी रोजगार सहायक कलेक्टर के निर्देश पर जब जांच अधिकारियों की टीम पूरी तैयारी के साथ कुटेला पंचायत में भौतिक सत्यापन और मस्टररोल की चेकिंग करने पहुंची, तो वहां हड़कंप मच गया। जांच टीम को सामने देखकर और अपने काले कारनामों के उजागर होने के डर से महिला रोजगार सहायक शशि प्रभा कुर्रे मौके से दुम दबाकर भाग खड़ी हुई।

जांच अधिकारियों ने मौके पर मौजूद ग्रामीणों और सरपंच के बयान दर्ज कर लिए हैं। डबरी निर्माण के स्थान का निरीक्षण करने पर भी भारी अनियमितता पाई गई है। अधिकारियों का कहना है कि रोजगार सहायक का इस तरह जांच से भागना उसके दोषी होने की ओर इशारा करता है।

मामले की विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जा रही है, जिसके बाद आरोपी रोजगार सहायक के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
