गांधी जयंती पर छत्तीसगढ़ी को पढ़ाई लिखाई, रोजगार का भाषा बनाने के लिए हुआ सत्याग्रह।

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गांधी जयंती पर छत्तीसगढ़ी को पढ़ाई लिखाई, रोजगार का भाषा बनाने के लिय हुआ सत्याग्रह ।
मातृभाषा में पढ़ाई लिखाई के सबसे बड़े पैरोकार महात्मा गांधी थे, उनके जयंती के अवसर पर एम ए छत्तीसगढ़ी संगठन और छत्तीसगढ़िया समाज द्वारा सत्याग्रह करके प्रदेश सरकार से मांग किया गया कि छत्तीसगढ़ी को जल्द से जल्द पढाई लिखाई और रोजगार का भाषा बनाया जाय। कार्यक्रम राजधानी के आजाद चौक स्थित गांधी प्रतिमा के सामने हुआ जहा 1920 में गांधी जी ठहरे थे। संगठन प्रमुख ऋतुराज साहू ने बताया कि महात्मा गांधी ने कहा था जो समाज अपनी मातृभाषा में शिक्षा नही पाता वह समाज उन्नति नहीं कर सकता और यही हाल छत्तीसगढ़िया समाज का है , गांधी जी के सपनों के अनुरूप हर राज्य के लोग अपनी मातृभाषा में शिक्षा पा रहा है सिवाय छत्तीसगढ़ को छोड़ के इसलिए हमे सत्यग्रह करना पड़ रहा है। इस अवसर पर कुणाल बघेल, संजीव साहू, तारकेश्वर पटेल समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

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