साय सरकार का किसानों के प्रति सौतेला व्यवहार –उमाशंकर कौशिक , धान की टोकन ऑनलाइन के साथ -साथ ऑफलाइन भी अति आवश्यक

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बिलासपुर :- जिले की सेवा सहकारी समिति पोड़ी विकासखंड तखतपुर पंजी क्रमांक 668 से उमाशंकर कौशिक भारत भास्कर से चर्चा करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार पर सौतेला व्यवहार बरतने का आरोप लगाया है। उमाशंकर कौशिक का कहना है यहां दीर्घ किसान एवं लघु किसान से 70% एवं 30% धान की खरीदी का सीमा तय किया है साय सरकार द्वारा वह सौतेला व्यवहार लग रहा है। ग्राम पोड़ी सहित कई केंद्रो में ऐसा देखने को मिला है जहां दीर्घ किसान काफी परेशान है सिर्फ और सिर्फ टोकन ऑनलाइन की वजह से यहां ऑफलाइन की व्यवस्था नहीं होने के कारण भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है

ऑनलाइन जो व्यवस्था सरकार द्वारा बनाया गया है वहां ऑफलाइन का भी व्यवस्था बनाना बहुत ही जरूरी है ताकि किसान को धान बेचने में सुविधा हो सके और किसान खेत से खलिहान तक सुगमता पूर्ण अपनी धान ला सके। शंकर लाल कौशिक कृषक जो अपनी दुख दर्द को बयां करते हुए बता रहा है कि वर्तमान में लगातार मौसम बदल रहा है बारिश होने की संभावना बढ़ गई है जिससे फसल पूरी तरह बर्बाद होने की आशंका बनी हुई है। और इसका मुख्य वजह है टोकन नहीं कटना शासन को ऑफलाइन की भी व्यवस्था बनाना बहुत ही जरूरी है ताकि किसान फसल काट कर अपने खलिहान तक ले आए और टोकन कटते ही हम खरीदी केंद्र में अपनी धान सुगमता पूर्ण भेंज सकें। गौठान नहीं बनने के कारण जानवरों से भी धान की निगरानी करनी पड़ती है यह भी एक समस्या गंभीर बनी हुई है।
खरीदी केंद्र में किसान अपने समस्या को अवगत कराते हुए जानकारी दिए उसमें उमाशंकर कौशिक, प्रकाश कौशिक, शंकर लाल कौशिक, रवि यादव, सुकृत दास मानिकपुरी, सीताराम कौशिक, उमाशंकर कौशिक, मनहरण कौशिक एवं अन्य किस गण रहे।


वही सोसाइटी खरीदी केंद्र में फड़ प्रभारी गोविंद प्रसाद कौशिक का कहना है कि इस वर्ष बारदाना में काफी शिकायतें आ रही है एक बंडल बारदाना में लगभग 100 बोरी के आसपास बिना सिले हुए बोरी निकल रहा है जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानिक कृषक का पूर्व प्रबंधक अरुण कौशिक पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले वर्ष 2250 क्विंटल धान की हेरा फेरी की रिपोर्ट कलेक्ट्रेट में लिखित आवेदन दिया गया है किंतु आज तक उसकी कोई कार्यवाही नहीं हुई है साथ ही पूर्व प्रबंधक पर चोरी का आरोप लगाया है कि कार्यालय से एक ए.सी. एवं ताल पतरी की भी चोरी हुई है जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। शासन से मांग करते हुए इन सभी किसानों ने धान की हेरा फेरी एवं चोरी की कार्यवाही जल्द से जल्द हो की गुहार लगाई है।

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