रामनवमी में अखंड नवधा रामायण कलश यात्रा के साथ प्रारंभ
रामनवमी में अखंड नवधा रामायण कलश यात्रा के साथ प्रारंभ
भरारी :- ग्राम सेमरताल में रामनवमी के शुभ दिवस पर अखंड नवधा रामायण की शुरुआत कलश यात्रा के साथ हो गया है। कलश यात्रा की शुरुआत पुरोहित रामफल द्विवेदी के मंत्रोच्चार, शंख ध्वनि और राम जयकारे के साथ हुआ। कलशयात्रा की अगुवाई रविन्द्र मिथलेश गहवई ने किया जो कि मुख्य यजमान हैं।

वहीं मनीष कौशिक, कामता प्रसाद धीवर दशरथ साहू, सुरेन्द्र पान्डेय, दिलीप कौशिक, मनसुख धीवर, घनश्याम धीवर सहित नवधा समिति के समस्त भक्तों ने कीर्तन गायन करते हुए गांव में भ्रमण किया। कलशयात्रा गांव की प्रमुख गलियों से होते हुए विवेकानंद चौक, घनश्याम दाऊ, गांधी चौक, गुड़ी, बजरंग चौक, गायत्री मंदिर सहित सभी देव स्थानों की वंदना करते आगे बढ़ता गया। ग्रामवासियों ने जगह जगह कलश धारी बहनों का अभिनंदन पुष्प वर्षा, आरती के साथ किया। कलशयात्रा के बाद अटल समरसता भवन के पास नवधा पंडाल में पारंपरिक अनुष्ठान के साथ स्थानीय मानस टोली से रमई साहू के स्वर में अखंड नवधा रामायण का विधिवत शुरुआत हो गया। नवधा समिति के अध्यक्ष यदुनंदन कौशिक, उपाध्यक्ष अवधराम साहू, सचिव रविन्द्र नाथ गहवई, कोषाध्यक्ष चैतराम साहू, पाठ समिति प्रमुख रामावतार यादव, पंडा बसंत धीवर, श्रवण धीवर , मीडिया प्रभारी उमाशंकर साहू, मार्गदर्शक ओमप्रकाश वर्मा, सतीश धीवर, पवन धीवर, रामावतार साहू, घनाराम धीवर, जोगीराम साहू, सरजू साहू , द्वासीराम धीवर, अनिल वर्मा, अशोक साहू, और संजय विश्वकर्मा है। राम भोजनालय के प्रभारी सुनील धीवर, नरेंद्र यादव हैं। ज्ञात हो कि ग्राम सेमरताल का अखंड नवधा रामायण अत्यंत लोकप्रिय है। यहां दूर दूर से प्रसिद्ध गायन मंडली आती है। दोपहर के समय नैतिक मूल्यों के साथ सुंदर प्रवचन किया जाता है। सुबह शाम की आरती में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित होते हैं। वर्तमान मोबाईल पीढ़ी को संस्कारवान बनाएं रखने के लिए और समाज में शिष्टाचार सहित नैतिक मूल्यों की पुनः स्थापना के लिए संकल्पित रामायण की कथा का दीर्घगामी व सकारात्मक परिणाम अवश्य पड़ेगा।


