ग्राम सभा में “बाल विवाह मुक्त ग्राम बनाने संकल्प पत्र किया गया जारी

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रिपोर्ट लक्ष्मी दिवाकर संभाग हेड बिलासपुर

एंकर। मुंगेली, कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार जिले में हो रहे ग्राम सभा में ‘‘बाल विवाह मुक्त ग्राम’’ अभियान का प्रस्ताव पारित कर संकल्प लिया जा रहा है। इसी कड़ी में ग्राम करही, चकला सहित विभिन्न ग्रामों में अगस्त में हुए ग्राम सभा में ‘‘बाल विवाह मुक्त ग्राम’’ बनाने संकल्प पत्र जारी कर किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी संजुला शर्मा ने बताया कि ग्राम सभा में उपस्थित लोगों को ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’’ के अंतर्गत बालिकाओं की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी दी गई

। उन्होंने बताया कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई के साथ कानूनी अपराध भी है। बाल विवाह से जहां बालिकाओं एवं बालकों का सर्वांगीण विकास प्रभावित होता है, वहीं बाल अधिकारों का हनन भी होता है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत विवाह हेतु बालिका की आयु 18 वर्ष व बालक की आयु 21 वर्ष निर्धारित की गई है। विवाह हेतु निर्धारित उम्र से कम में होने पर बाल विवाह माना जायेगा।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी अंजूबाला शुक्ला ने बताया कि बाल विवाह करने वाले वर एवं वधु के माता-पिता, सगे संबंधी, बाराती यहां तक कि विवाह कराने वाले पुरोहित पर भी कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम का उल्लंघन करने पर 02 साल तक के कठोर कारावास या 01 लाख रूपये तक जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह संबंधी जानकारी देने के लिए 1098 पर कॉल किया जा सकता है। इस दौरान ग्राम के सरपंच, बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नंदलाल यादव, संरक्षण अधिकारी छबिलाल साहू, जिला बाल संरक्षण इकाई के समन्वयक उमाशंकर कश्यप एवं हितेश कुमार, संजय बघेल, सविता कार्के और ग्रामसभा के सदस्यगण मौजूद रहे।

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