जगदलपुर : बिहान से मिली उड़ान-लखपति दीदी रत्ना ठाकुर बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़कर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम टिकरा धनोरा की लखपति दीदी रत्ना ठाकुर ने मेहनत, नवाचार और आत्मविश्वास के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई है। आज वह न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हैं, बल्कि क्षेत्र की अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गई हैं।

     रत्ना ठाकुर ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के माध्यम से मुर्गीपालन के लिए दाना तैयार कर रही हैं। उनके द्वारा निर्मित दाने की मांग स्थानीय कुक्कुटपालकों के अलावा दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर जिलों तक है। इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है। रत्ना ने बताया कि दाना निर्माण के साथ-साथ वह ब्रूडिंग चूजों का पालन-पोषण कर उन्हें बड़ा करती हैं और बाद में होटल एवं ढाबों में उनकी आपूर्ति करती हैं। इस व्यवसाय ने उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है।

      रत्ना ने कृषि क्षेत्र में भी उन्होंने आधुनिक तकनीकों को अपनाया है। करीब दो एकड़ भूमि पर मल्चिंग विधि से साग-सब्जियों की खेती कर वह हर माह 15 से 20 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर रही हैं। खेती और पशुपालन आधारित इन गतिविधियों ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया है।

       रत्ना बताती हैं कि माता-पिता की इकलौती संतान होने के कारण वह अपने माता-पिता के साथ रहती हैं। उनके पति पदमलाल ठाकुर भी हर कार्य में उनका पूरा सहयोग करते हैं। परिवार के सामूहिक प्रयास और आयमूलक गतिविधियों से होने वाली कमाई के बल पर उन्होंने एक स्कूटी खरीदी है और वर्तमान में चार कमरों का पक्का मकान भी बनवा रही हैं।

 

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