होगी झमाझम बारिश, देश में हुई मानसून की एंट्री, जानें मौसम विभाग का अपडेट

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Weather and Monsoon Update: पहले अनुमान था कि मानसून 26 मई को केरल पहुंचेगा, लेकिन यह तय समय से करीब 9 दिन देरी से आया. आमतौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है.

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देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में दस्तक दे चुका है. वहीं, कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और अगले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है.

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मानसून 9 दिन देरी से पहुंच रहा केरल
पहले अनुमान था कि मानसून 26 मई को केरल पहुंचेगा, लेकिन यह तय समय से करीब 9 दिन देरी से आया. आमतौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है और इसके बाद करीब डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर करता है.

दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना
केरल के साथ-साथ तमिलनाडु और कर्नाटक के कई इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश हो सकती है. केरल के कई हिस्सों में पहले से ही तेज बारिश हो रही है, जिसके चलते अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि 11 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हो सकती है.

उत्तर और मध्य भारत में प्री-मानसून एक्टिव
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं. मौसम विभाग के अनुसार, क्यूम्युलोनिम्बस (CB) बादलों के कारण 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश हो सकती है. इन्हीं बादलों की वजह से आंधी, बिजली और तेज तूफान बनते हैं.

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में दस्तक दे चुका है. वहीं, कई राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं और अगले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है.

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मानसून 9 दिन देरी से पहुंच रहा केरल
पहले अनुमान था कि मानसून 26 मई को केरल पहुंचेगा, लेकिन यह तय समय से करीब 9 दिन देरी से आया. आमतौर पर मानसून 1 जून तक केरल पहुंच जाता है और इसके बाद करीब डेढ़ महीने में पूरे देश को कवर करता है.

दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना
केरल के साथ-साथ तमिलनाडु और कर्नाटक के कई इलाकों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश हो सकती है. केरल के कई हिस्सों में पहले से ही तेज बारिश हो रही है, जिसके चलते अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि 11 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हो सकती है.

उत्तर और मध्य भारत में प्री-मानसून एक्टिव
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में प्री-मानसून गतिविधियां जारी हैं. मौसम विभाग के अनुसार, क्यूम्युलोनिम्बस (CB) बादलों के कारण 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश हो सकती है. इन्हीं बादलों की वजह से आंधी, बिजली और तेज तूफान बनते हैं.

भारत मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के केरल आने पर मुहर लगा दी है. गुरुवार को भारत मौसम विभाग में इसका औपचारिक ऐलान किया.भारत मौसम विभाग के निदेशक जनरल डॉक्टर एम महापात्र के मुताबिक, इस साल मॉनसून तय समय से 3 दिन की देरी से पहुंचा है. इससे पहले 15 मई को IMD ने  मॉनसून के आगमन पर पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा था – दक्षिण पश्चिम मानसून 26 मई को केरल पहुंच सकता है. लेकिन ये 10 दिन की देरी के साथ आया है. आम तौर पर मॉनसून सीजन 1 जून के आसपास शुरू होता है.पिछले साल मानसून 1 जून, 2025 से 8 दिन पहले, 24 मई को ही केरल तट पर पहुंच गया था और मॉनसून ने औसत से 9 दिन पहले 29 जून को ही पूरे देश को कवर भी कर लिया था.

साल जून से सितंबर के बीच दक्षिण-पश्चिम मानसून सीजन के दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में औसत से कम बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम विभाग ने कहा था कि चार महीनों के दरमियान औसतन 90 फीसदी तक बारिश हो सकती है. अलनीनो के असर के कारण बारिश में कमी की संभावना 60 फीसदी तक है. मॉनसून (Monsoon Core Zone) की बात करें तो जो मध्य भारत के ऊपर एक इलाका है, जहां ज्यादातर खेती बारिश पर ज्यादा निर्भर करती है, वहां भी सामान्य से कम बारिश होने का पूर्वानुमान है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान अलनीनो (El Nino) की स्थिति पैदा हो सकती है. मॉनसून की बारिश कृषि क्षेत्र, कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इसका सीधा असर खरीफ सीजन के दौरान फसलों की बुआई पर पड़ता है.

मॉनसून दिल्ली कब पहुंचेगा

मॉनसून अभी अंडमान निकोबार द्वीप समूह से होकर केरल तट पर पहुंचा है. लेकिन उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हरियाणा समेत पूरे उत्तर भारत, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों या मध्य भारत तक पहुंचने में इसे करीब महीने भर का समय लग सकता है. मॉनसून आने के बाद अगले एक हफ्ते में केरल में भारी बारिश की चेतावनी है. केरल के साथ तमिलनाडु, कर्नाटक में भी भारी बारिश का अलर्ट है. हालांकि उत्तर भारत में भी पश्चिमी विक्षोभ के कारण अभी दो-तीन बारिश का अलर्ट है.

 

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