सार्वजनिक संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत नवान्ह ज्ञान यज्ञ कलश यात्रा के साथ प्रारंभ
उमलेश जायसवाल बेलतरा /
सार्वजानिक संगीतमय श्रीमद देवी भागवत नवान्ह ज्ञान यज्ञ क्वार शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर पावन ग्राम बेलतरा ( सागरपारा ) में 3 अक्टूबर से श्रीमद देवी भागवत का आयोजन कलश यात्रा के साथ प्रारम्भ किया गया, इस ज्ञान यज्ञ की पूर्णाहुति 12 अक्टूबर को डाली जाएगी।

जिसमें कथा व्यास पंडित ओमप्रकाश महाराज जी बामहुँ वाले एवं परायणकर्ता पंडित अभिषेक महाराज जी के श्रीमुख से कथा श्रवण कर माँ भगवती की कृपा प्राप्त कर जीवन कृतार्थ करने के लिए भक्तो द्वारा आह्वान किया जा रहा हैं.
पूजन समय प्रातः 07 से 09 बजे तक एवं कथा समय प्रातः 10:30 से दोपहर 01 बजे व शाम 4 से 6 बजे तक
यजमान के रूप में विमल /खुशबू धीवर व अनिश /दामिनी धीवर रहेंगे।

12 अक्टूबर तक चलने वाले श्रीमद् देवी भागवत
दिनांक 03.10.2024, गुरुवार आश्विन, शु. प. 01 कलश यात्रा, वेदी पूजन दोप.03 बजे से कथा आरंभ तत्पश्चात क्रमशः शुक्रवार – सत्यव्रत चरित्र, राम, कृष्ण कथा, शनिवार – देवीउत्पत्ति, महिषासूरउद्धार, रविवार – शम्भु, निशुम्भ उद्धार,
सोमवार – नहुष कथा, हयग्रीष कथा, मंगलवार – नारद मोह, सूकन्या चरित्र, बुधवार – मान्धाता, त्रिशंकु, हरिशचन्द्र कथा,
गुरुवार – लक्ष्मी, गंगा, सरस्वती अवतरण कथा, शुक्रवार – गायत्री सहस्त्रनाम, कथा विश्राम, चढ़ोत्री, शनिवार – हवन, तर्पण, सहस्त्रधारा, विश्रांति का जीवन में भक्तिमय आनंद लिया जा सकता हैं।

पंडित ओम प्रकाश महाराज ने श्रद्धालुओं को नवरात्र पूजन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यूं तो विश्वभर में शक्ति की कई रूपों में पूजा की जाती है, मगर भारत ही ऐसा देश है जहां इसे मां का रूप दिया गया है। मां शब्द करुणा, प्रेम तथा माधुर्य का प्रतीक है। मां अतुल्य, आनंद और मातृत्व का स्त्रोत है, जो सदा अक्षुण अबाध रूप में बहता है। मां में एक और विशेषता है कि वह अपने बालक को हर कर्म का बोध करवाती है। यही बात श्रीमद् महापुराण के महात्म में भी स्पष्ट है।

