आरक्षण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद खैरा चपोरा क्षेत्र क्रमांक 11 मे जोर आजमाने दावेदार अब सामने आने लगे हैं
मनमोहन सिंह राजपूत
खैरा …. आरक्षण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद चपोरा क्षेत्र क्रमांक 11 मे जोर आजमाने दावेदार अब सामने आने लगे हैं। पदआसीन होने के बाद विकास की स्थानीय मुद्दे और जनता की समस्या का निराकरण करने दावेदार प्रत्याशी लगातार जनसंपर्क में जुट गये है।
चुनावी बिगुल बजते ही आचार संहिता के नियम का पालन करते हुए ग्राम खैरा निवासी श्रीमती प्रीति रवि परिहार ने जनपद सदस्य लड़ने अपने दावेदारी मजबूत कर लिया है।नवापारा, बारिडीह, सीपत पारा, बांसाझाल, खैरा,चपोरा, खुंटापारा,सेमरा बिरगहनी में अपने समर्थको के साथ जंनसंपर्क मे जुटी हुई है।उनकी सरल,सहज स्वाभाव के कारण जनता उन्हें आशीर्वाद के साथ अपना समर्थन भी दे रहे है।

साल 2005 मे 26 वर्ष की उम्र मे रवि परिहार नें कोटा जनपद उपाध्यक्ष बनने के बाद सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में उभरकर अपना मुकाम हासिल किया। बच्चे,युवा से लेकर बुजुर्ग और महिलाओं के बीच अपनापन का वर्चस्व स्थापित कर राजनीतिक क्षेत्र में अपनी संगठित दबदबा बनाये हुए हैं। धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमो में अपनी सहभागिता निभाने वाली श्रीमती प्रीति परिहार राजनीति क्षेत्र में भी अपने पति रवि परिहार के साथ निरंतर कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करती है। राजनीति के मैदान में मजबूती के साथ खड़े रहने और क्षेत्र के विकास के लिए कैसे कार्य करना है श्रीमती प्रीति परिहार भली भांति जानती है।यही वजह है की आज चपोरा सामान्य महिला सीट होने के बाद उत्सुकता के साथ मैदान में क्षेत्र की जनता के साथ,जनता के लिये काम करने प्रचार-प्रसार कर रही है।

आअब तक स्थानीय प्रत्याशियों कर रहा है दबदबा — क्षेत्र की जनता ने अभी तक जितने भी चुनाव संपन्न हुए हैं, उन सभी में विकास की राह को चुनते हुए स्थानीय प्रत्याशी पर ही अपना विश्वास का मुहर लगाया है। जिसका परिणाम स्वरुप रवि परिहार, त्रिवेणी सिंह राजपूत, नीलू हेमंत सिंह क्रांति और सुमंत जायसवाल जैसे प्रबल दावेदारों के सिर पर जीत का ताज पहनाया गया। ऐसे में अब यह देखना होगा कि क्या जनता आज भी स्थानीय प्रत्याशी पर अपना भरोसा बरकरार रखती है कि नहीं।

