बेलतरा के बच्चों का भविष्य अधर में, स्कूल में न शिक्षक पूरे ,न भवन सुरक्षित – शिक्षा समिति ने बजाई खतरे की घंटी ।
डंगनिया :– कभी बच्चों की किलकारियों से गूंजने वाला स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी/अंग्रेजी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलतरा
आज खामोशी में डूबा है। खाली पड़ी कक्षाओं और टूटी मेज़-कुर्सियों के बीच बच्चे अपने सपनों के साथ जूझ रहे हैं। वजह — यहां न तो शिक्षक पूरे हैं, न ही भवन की स्थिति ठीक है।
12 अगस्त को शाला शिक्षा समिति की बैठक में यह हकीकत सामने आई। बैठक में अध्यक्ष लक्ष्मी जयसवाल, सदस्य रमेश जायसवाल, कृष्ण कुमार यादव (जिला खनिज न्याय सदस्य), विजय साहू (जनपद सदस्य प्रतिनिधि) और सभी शिक्षक मौजूद रहे। चर्चा में साफ हुआ कि स्कूल में प्रभारी प्राचार्य, व्याख्याता (हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास/राजनीति, भूगोल, रसायन), सहायक शिक्षक (विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिंदी), पीटीआई, लाइब्रेरियन, सहायक ग्रेड, लेखपाल, भृत्य और चौकीदार तक की भारी कमी है।
कमी इतनी है कि कुछ विषयों की पढ़ाई महीनों से अधूरी है। विज्ञान प्रयोगशाला में ताले लगे हैं, खेल का मैदान सुनसान है, और लाइब्रेरी के रैक धूल खा रहे हैं। कई कक्षाओं में एक ही शिक्षक दो-दो पीरियड लेकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं, मगर विषय विशेषज्ञ की जगह किसी भी तरह पढ़ाई कराना बच्चों के ज्ञान के साथ समझौता है।
भवन की स्थिति और भी चिंताजनक है। समिति के सदस्यों ने बताया कि भवन विवाद में फंसा है, जिसके कारण मरम्मत और विस्तार का काम रुक गया है। बरसात में कई कमरों की छत टपकती है, जिससे बच्चों को छाता लेकर क्लास में बैठना पड़ता है।
गांव के अभिभावकों का कहना है कि अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ तो सैकड़ों
बच्चों का भविष्य अंधकार में डूब जाएगा। “हमारे बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक बनने का सपना देख रहे हैं, मगर बिना शिक्षक और बिना सुरक्षित स्कूल के ये सपने कैसे पूरे होंगे?” — एक अभिभावक की आंखें भर आईं।
अब देखना यह है कि बेलतरा के बच्चों के हक की यह पुकार शिक्षा विभाग के कानों तक कब पहुंचती है, और कब यहां का स्कूल फिर से बच्चों की हंसी-खुशी से गूंजता है।
उक्ता बैठक में खासकर भवन की कमी बहुत ज्यादा
समस्या जनक चर्चा में रही। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी से बातचीत किया तो उन्होंने बताया कि वहां की भवन की समस्या व शिक्षा की कमी के बारे में
मुझे जानकारी मिला है। हम उस पर बहुत ही जल्द कलेक्टर महोदय से बातचीत कर शिक्षकों की भर्ती के लिए व्यवस्था करेंगे। रही बात भवन की तो वह भवन विवादित स्थिति में फंसा हुआ है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर वहां की समस्या को निराकरण करने का प्रयास करेंगे ताकि बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से चल सकें।जिला शिक्षा अधिकारी विजय तान्डे

