डोंगरिया धान खरीदी केंद्र में ऑपरेटर के साथ मारपीट गाली -गलौच व जान से मारने की धमकी, आरोपी पर FIR दर्ज ।

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रिपोर्ट लक्ष्मी दिवाकर संभाग हेड बिलासपुर छत्तीसगढ़ मोबाइल नंबर 9644 977951

एंकर। लोरमी (मुंगेली)। – धान खरीदी कार्य में लगे आपरेटर के साथ मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने का गंभीर मामला लोरमी थाना क्षेत्र के डोंगरिया धान उपार्जन केंद्र में सामने आया है। घटना 04 दिसंबर 2025, गुरुवार सुबह लगभग 11:35 बजे की बताई जा रही है, जब समिति में पदस्थ धान खरीदी ऑपरेटर नितेश कुमार कश्यप के साथ किसान टोकन काटने को लेकर अभद्रता करते हुए मारपीट की गई।

जानकारी के अनुसार, नितेश कुमार कश्यप (पिता – रामपद कश्यप), निवासी ग्राम लालपुर कला, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित डोंगरिया (पंजीयन क्रमांक 1333) में धान खरीदी ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। पीड़ित कर्मचारी ने बताया कि आशुतोष पाण्डेय (पिता – दिनेश पाण्डेय), निवासी डोंगरिया, छह किसानों की सूची लेकर टोकन कटवाने के लिए उनके पास पहुंचा।

उस वक्त कार्यालय का शासकीय कार्य कर रहा था, जिसके चलते ऑपरेटर द्वारा लगभग आधे घंटे बाद टोकन काटने की बात कही गई। इसी बात से आरोपी आक्रोशित हो गया और कर्मचारी को मां-बहन की अश्लील गालियां देते हुए कॉलर पकड़कर मारपीट करने लगा। इसके साथ ही आरोपी ने जान से मारने की धमकी दिया गया

घटना के बाद पीड़ित कर्मचारी ने तुरंत लोरमी थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी आशुतोष पाण्डेय के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 296, 115(2) एवं 351(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। एफआईआर क्रमांक 0640/2025, दिनांक 04.12.2025 को दोपहर 2:12 बजे दर्ज की गई है।

ईएसएमए लागू होने के बावजूद हमला, कानून का उल्लंघन

गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी कार्य से जुड़े सभी कर्मचारियों को आवश्यक सेवा घोषित किया गया है। गृह विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी आदेश (दिनांक 14 नवंबर 2025) के अनुसार 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान खरीदी कार्य अत्यावश्यक सेवा की श्रेणी में है।

इस अवधि में किसी भी कर्मचारी को कार्य से रोकना, बाधा डालना या हिंसा करना छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 (ESMA) का सीधा उल्लंघन है।

इस संबंध में समिति कर्मचारियों का कहना है कि —
“जब शासन ने हमें वापस ड्यूटी पर बुलाकर धान खरीदी को अतिआवश्यक सेवा घोषित किया है, तो इस तरह खुलेआम हमला किया जाना बेहद गंभीर विषय है। आरोपी पर एस्मा एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

लोरमी एसडीएम से की गई कठोर कार्रवाई की मांग

पीड़ित ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लोरमी को भी आवेदन सौंपते हुए मांग की है कि आरोपी पर एस्मा एक्ट सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

अन्य समिति के कर्मचारियों ने भी घटना की निंदा करते हुए प्रशासन से मांग की है कि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो, क्योंकि अगर कर्मचारी ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो धान खरीदी जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था कैसे सुचारू रूप से चल पाएगी।

लोरमी पुलिस कर रही जांच

पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। गवाहों के बयान लिए जा रहे हैं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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