बुढीखार हायर सेकंडरी स्कूल में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण सामुदायिक विकास और शिक्षा के प्रति समर्पण का एक बेहतरीन उदाहरण –दिपक लहरें सरपंच बुढीखार
गणेशदत्त राजू तिवारी की रिपोर्ट
मस्तुरी: शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला बुढीखार के प्राचार्य कांशीराम रजक का कहना है कि जब जनभागीदारी समुदाय मिलकर स्कूल के लिए काम करता है, तो यह शिक्षा में परिवार और समुदाय की भागीदारी की भावना को मजबूत करता है, जिससे स्कूल और निवासियों के बीच संबंध गहरे होते हैं!जन सहयोग से स्कूल में अतिरिक्त कक्ष का निर्माण और ढलाई एक सराहनीय पहल है जो शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करती है!शिक्षकों और ग्रामीणों सहित जनप्रतिनिधियों के आपसी सहयोग से अतिरिक्त कक्ष का निर्माण यह जन समुदाय की सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है!

ग्राम पंचायत बुढीखार के युवा सरपंच डाक्टर दीपक लहरे का कहना है कि जन सहयोग में अक्सर सरकारी योजनाओं के अधूरे कार्यों को पूरा करने मे मदद करता है, यह पहल न केवल बच्चों को बेहतर शिक्षा वातावरण प्रदान करता है, बल्कि लोगो में स्कूल के प्रति अपनापन और सामाजिक एकता भी बढाती है,उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों के साथ साथ गांव की महिलाओ के हाथो में कमान होने से आज बुढीखार स्कूल की तस्वीर ही बदल गई है!यहाँ की पंचो, शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से स्कूल को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराते हैं,
स्कूल की प्रगति से हम सभी ग्राम वासी खुश हैं, गर्व की बात है कि यहाँ के प्रचार्य काँशीराम रजक के अथक प्रयासों से बुढीखार स्कूल का भवन अलग ही नजर आता है चारों ओर हरियाली एवं साफ सफाई अलग ही सकून देती है, कांशीराम रजक कि इस प्रकार का पहलें ध केवल बुनियादी ढांचे मे्ं सुधार करती हैं बल्कि सीखने के माहौल और सामुदायिक भावना को भी बढावा देती है!जनप्रतिनिधियों की भागीदारी अन्य लोगो को भी सामुदायिक परियोजनाओं में सहयोग करने के लिए प्रेरित करती है, जिससे आने वाले समय में विकास के लिए एक समावेशी वातावरण बनता है! डाक्टर लहरे का कहना है कि ए पल मेरे लिए यादगार पल रहेगा जो आज इस शिक्षा के पल का गवाह बन रहा हूँ!

स्कूल के प्रचार्य कांशीराम रजक, बीरबल थवाईत, शाला समिति के सदस्य रामकुमार साहू, भारत, बालमुकुंद वैष्णव, दीपक गुप्ता, अनिल, सुनिल थवाईत, सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सतकली बावरे, ज्वाला प्रसाद बंजारे का सहयोग इस स्वर्णिम समय का गवाह रहेगा इन सब का योगदान से आज अतिरिक्त कक्ष का निर्माण पूरा हो पाया!

