माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार भी दे — रंजीत

खैरा….. महाराणा प्रताप के शौर्य और स्वाभिमान को समर्पित
” भरतवंश की धरा के ऊपर राणा सा बलवान नहीं!.
स्वाभिमान में जंगल भटके ऐसा कोई इंसान नहीं!!
चौड़ी छाती,सिंह की भांति वाला कोई इंसान नहीं!
और मान की खातिर मरने वाला राणा सा बलिदान नहीं!!”
पंक्तियां की जय घोष के साथ इतिहास की स्वर्णिम अध्याय को याद करते हुऐ राजपूत क्षत्रिय समाज कल्याण समिति खैरा द्वारा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती मनाया गया।
शौर्य प्रदर्शन राजपूत की शान है और इसी परंपरा को जीवंत रखते हुए शौर्य, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक वीर राजपूतों की गौरवशाली परंपरा को समर्पित भव्य राजपूत समाज द्वारा शौर्य प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का शुभारंम किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रंजीत पवार वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता ने अपने उद्बोधन में बताया कि महाराणा प्रताप केवल एक राजा नहीं, बल्कि स्वाभिमान, साहस और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण के प्रतीक थे। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और स्वतंत्रता से कभी समझौता नहीं किया। हल्दीघाटी का युद्ध उनकी वीरता और अदम्य साहस का अमर उदाहरण है। साथ ही उन्होंने कहा कि आधुनिकता के इस युग में शिक्षा बच्चों को ज्ञान, कौशल और सफलता का मार्ग दिखाती है, जबकि संस्कार उन्हें अच्छा इंसान बनाते हैं। केवल शिक्षित का होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनमें अनुशासन और जिम्मेदारी जैसे गुणों का होना भी आवश्यक है। संस्कारयुक्त शिक्षा से बच्चे समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझते हैं तथा जीवन में सही निर्णय लेने में सक्षम बनते हैं। कार्यक्रमकी अध्यक्षता कर रहे विकास सिंह ने बताया की महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि सत्य, सम्मान और राष्ट्रहित के लिए संघर्ष करना ही सच्चा धर्म है।उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने हमें संकल्प लेंना होगा। साथ ही सभा को बेनी सिंह बैस प्रकाश जायसवाल,उत्तम सिंह राजपूत, पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत द्वारा किया गया।इस दौरान विशिष्ट अतिथि प्रहलाद सिंह, शिव ठाकुर,गोपाल सिंह, गीतेश सिंह,फूलचंद अग्रहरि, महावीर सिंह,रितिका राजपूत, पिन्टू राजपूत,निरंजन सिंह,बुंदेश्वर सिंह, रघुनन्दन सिंह,हरिओम सिंह, शंकर सिंह उपस्थित रहे।साथ ही समाज से अध्यक्ष प्रेम सिंह राजपूत, उपाध्यक्ष सुदर्शन सिंह, सुमंत सिंह, सचिव धर्मेन्द्र सिंह, कोषाध्यक्ष मनमोहन सिंह, सह-कोषाध्यक्ष गणेश सिंह, सह -सचिव भागवत सिंह, झामन सिंह, प्रीतम सिंह,प्रेम सोमवंशी, पवन मिरी, नितेश सिंह,माधव सिंह,रघुपाल सिंह,देवचरण सिंह मौजूद रहे।
माता प्रतिभावान विद्यार्थी के साथ वरिष्ठोजनों का हुआ सम्मान — प्रतिभावान छात्राओं का सम्मान कर उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन, मेहनत और लगनकी सराहना करते हुए कक्षा 10वी से सिद्धांत सिंह पिता प्रेम सिंह,अविनाश सिंह पिता झामन सिंह,परिधि परिहार माता प्रीति परिहार,आनिया राजपूत पिता नरेन्द्र सिंह,लोकेश सिंह पिता हेमंत सिंह कक्षा 12वी से भागवत सिंह पिता रघुपाल सिंह,अर्जुन सिंह पिता मनोहर सिंह,रोशन सिंह पिता बृजराज सिंह,सुशांत सिंह पिता सुदर्शन सिंह,ओंकार सिंह पिता हेमंत सिंह, भारतीय सेना में चयनित होने पर अभय सिंह पिता ढाल सिंह, भरतनाट्यम दुर्ग में प्रथम स्थान में छाया राजपूत पिता परमेश्वर राजपूत को तिलक लगाकर और श्रीफल, मॉमेटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।यह सम्मान न केवल उनकी उपलब्धियों का गौरव है, बल्कि अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

