विधानसभा चुनाव की पूर्व में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गोमती साय ने संघ की मांग को पूरा करने का दिया था आश्र्वासन, पिछले 14 वर्षो से पुर्णकालिक कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान देने को बजट में शामिल करने के मांग लेकर सौंपा ज्ञापन ।
नेवसा :– छ.ग.के सरकारी स्कूलों में पिछले 15 वर्षों से 43301 अंशकालिन स्कूल सफाई कर्मचारी कार्यरत है। 2 घंटे कार्य के एवज में 3000 से 3300 रुपए प्रतिमाह की दर से मानदेय भुगतान किया जाता है। परंतु अधिकांश स्कूलों में चपरासी,भृत्य नहीं होने के कारण चपरासी के सभी काम लिए जाते हैं कर्मचारियों की कार्य और ईमानदारी को देखते हुए प्रधान पाठक संघ और शिक्षक संगठन ने शासन और प्रशासन से चपरासी,भृत्य के पदों में समायोजन की मांग किया है ।अवगत कराना चाहूंगा कि कई स्कूलों में 2 घंटे के कार्य को पार्ट पार्ट में लिया जाता है। जिसके कारण अन्य जगह रोजी मजदूरी करने नहीं जा पाते हैं। इस महंगाई भरे दौर में 3000 से ₹3300 महीने में परिवार का भरण पोषण नहीं कर पाते हैं। मजदूरी दर कम होने के कारण हमारी स्थिति दयनीय होती जा रही है।

संघ की मांग पूर्णकालिक कलेक्टर दर पर वेतन भुगतान की मांग को लेकर पिछले 14 वर्षों से लगातार बजट में मांग को शामिल करने के लिए शासन और प्रशासन को मांग पत्र दिया गया था। वर्तमान मे मार्च 2025,26 के बजट में संघ की मांगों को शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय, मुख्यमंत्री सचिव, मुख्य सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, सचिव स्कूल शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, संचालक लोक शिक्षण संचालनालय, वित्त मंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया है।

विधानसभा चुनाव के पूर्व जशपुर जिले के कासाबेल में स्कूल सफाई कर्मचारी संघ के कार्यक्रम में मा. विष्णु देव साय जी और विधायक गोमती साय जी के द्वारा बीजेपी की सरकार बनने पर संघ की मांगों को पूरा करने का आश्वासन किया था जो कि आज पर्यंत तक अधूरी है।
साथ ही कलेक्टर दर पर कार्यरत कर्मचारियों के वेतन में ₹4000 देने की बात कही गई थी। जिसका लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल रहा है जिसके लिए संघ के प्रदेश अध्यक्ष संतोष खांडेकर का कहना है कि कलेक्टर दर का एक चौथा हिस्सा भुगतान किया जाता है, श्रम सम्मान राशि 4000 ₹ के एक चौथा हिस्सा ₹1000 रुपए भुगतान के लिए शासन और प्रशासन को ज्ञापन के माध्यम से मांग किया गया है। अथवा संघ के पदाधिकारी के खिलाफ जिला न्यायालय रायपुर में प्रकरण चल रहे हैं जिसे शून्य घोषित करने के लिए गृह मंत्री और शासन प्रशासन ज्ञापन सौपा गया है।

संघ के पदाधिकारी का कहना है कि निर्वाचन कार्य में ड्यूटी लगाई जाती है परंतु उसका अतिरिक्त मानदेय भुगतान नहीं किया जाता इसके लिए संघ के द्वारा ज्ञापन सौप कर मांग किया गया है । कि नगरी निकाय और स्त्रीस्तरीय पंचायत चुनाव में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाने पर अतिरिक्त मानदे दिए जाने की गुहार लगाई है।
संघ के मीडिया प्रभारी प्रदीप वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि संघ की मांग और समस्या को लेकर माननीय मुख्यमंत्री जी से मुलाकात के लिए पत्र और जनप्रतिनिधि के माध्यम से मुलाकात के लिए समय मांगा जा रहा है संघ की मांग और समस्या के संबंध में सकारात्मक पहल नहीं होने पर 25 फरवरी 2025 के बाद संघ को हड़ताल के लिए बाध्य होना पड़ेगा।

