बीमार सुजान को मिला ” सुकुन का तोहफा,कर्तव्य और फर्ज के बीच एक इंसानियत का महत्वपूर्ण रिश्ता रहता है जिसे आज सीपत पुलिस ने कर दिखाया
बीमार सुजान को मिला “सुकून का तोहफ़ा”, इंसानियत की मिसाल बनी सीपत पुलिस, घर के आसपास डीजे पर रोक..
बीमार की राहत के लिए इंसानियत ड्यूटी
17 साल से बिस्तर पर जिंदगी और बीमारी के बीच जूझ रहे सुजान सिंह के लिए इंसानियत, सीपत पुलिस की ड्यूटी बन गई। शोरगुल और डीजे की तेज़ आवाज़ उनकी तकलीफ़ को और बढ़ा रही थी। ऐसे में सीपत पुलिस ने संवेदनशीलता और इंसानियत की अनूठी मिसाल पेश करते हुए उनके घर के आसपास का क्षेत्र शांति क्षेत्र घोषित कर दिया।
सुखरीपारा निवासी सुजान सिंह की इस परेशानी को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी गोपाल सतपथी ने तुरंत कदम उठाया। पुलिस टीम ने सुजान सिंह के घर से 50 मीटर के दायरे को शांति क्षेत्र घोषित कर दिया। बाकायदा नोटिस जारी कर आदेश घर के बाहर चस्पा कर दिया गया, जिसमें स्पष्ट लिखा गया कि इस क्षेत्र में डीजे बजाना और शोरगुल करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

पुलिस की इस मानवीय पहल ने ग्रामीणों के दिलों को छू लिया। लोगों का कहना है कि यह कदम न केवल बीमार सुजान सिंह के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि पूरे समाज को यह संदेश भी देता है कि कानून का उद्देश्य सिर्फ व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि जरूरतमंद की तकलीफ़ को समझते हुए इंसानियत निभाना भी है।
कहते हैं कर्तव्य और फर्ज के बीच एक इंसानियत का महत्वपूर्ण रिश्ता रहता है जिसे आज सीपत पुलिस ने कर दिखाया।

यह पहल सिर्फ़ एक बीमार इंसान को राहत देने की कहानी नहीं है, बल्कि समाज को यह याद दिलाती है कि कानून और इंसानियत जब साथ चलते हैं, तभी समाज को यह संदेश भी देता है कि कानून का उद्देश्य सिर्फ व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि जरूरतमंद की तकलीफ़ को समझते हुए इंसानियत निभाना भी है।

