नेवसा गांव में डेढ़ साल से टंकी में मरे पड़े हैं कीड़े-मकोड़े, यही पानी पीने के लिए मजबूर ग्रामीण
पीएचई विभाग को अवगत कराने के बाद अब तक कोई कार्रवाई नहीं कुंभकर्णी निद्रा मे सोये हुए पीएचई विभाग

नेवसा :– बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत नेवसा में लगभग 15 साल पहले पूर्व में बने लाखों रुपए की लागत से पानी टंकी साफ सफाई और मरम्मत नहीं होने से पानी टंकी की ऊपर वाले छत टूटकर उसी पानी में गिरे पड़े हुए हैं । व खुला आसमान के नीचे बरसाती पानी व जीव जंतु पीपल के पत्ते एवं अन्य कचरा जैसे बुलबुल उत्पन्न हो रहे हैं।व मरे पड़े हैं कीड़े-मकोड़े, जब यह ग्रामीणों के घरों में पानी जाते हैं ।तो घर में लगे हुए नल के टोटियों से कीड़े युक्त पानी व बदबूदार पानी निकल रहे हैं । ग्रामीण पानी पीने के लिए मजबूर हैं । शासन प्रशासन को ग्रामीणों में बीमारी आने का इंतजार कर रहे हैं। किनारे बनी टंकी खुली होने से मरे पड़े हैं दर्जनों कीड़े मकोड़े।
पीने के लिए पर्याप्त पानी भी नहीं मिल रहा, जलदाय विभाग की अनदेखी
ग्रामीणों का आरोप- कई बार शिकायत के बावजूद नहीं सुन रहे अधिकार अनदेखी के चलते यहां के लोगों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल रहा, वहीं दूसरी ओर यहां डेढ़ साल से टंकी में मृत कीडे मकोडे व जीव जंतुओं युक्त बदबूदार पानी पीना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कई बार ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है। ग्रामीणों में बहोरन ने बताया कि तालाब व आंगनबाड़ी रोड़ किनारे बनीं पानी टंकी की ऊपरी हिस्से की छत जर्जर हालत के चलते टूटकर टंकी में ही गिर गई, जिसको पीएचई विभाग विभाग व ग्राम पंचायत ने साफ सफाई कर करने के बजाय खुला छोड़ दिया है। जिसके बाद से आज तक इस जर्जर टंकी में दर्जनों की संख्या में बरसाती कीड़ों के अलावा इसमें गिरगिट, छिपकली पीपल के पत्ते सहित अनेक तरह के जीव जंतु सड़कर पानी में घुलकर लोगों के घरों में पहुंच रहे हैं।
सैंकड़ों लोगों की जान को खतरा
लोगों के स्वास्थ्य के लिए सरकार के सख्त दिशा निर्देशों के बाद भी जलदाय विभाग के अधिकारी आंख मूंदकर बैठे हुए हैं। ग्राम वासियों राजकुमार ने बताया जिस जगह तालाब व रोड़ किनारे पानी टंकी बना है।यदि किसी दिन इसमें कोई जहरीला जानवर गिरकर सड़ गया तो जहरीले पानी से सैंकड़ों लोगों की जान को खतरा हो सकता है।

मजबूरी में पानी पीना पड़ रहा गंदा पानी
लोगों ने कहा कि मजबूरी में गंदा पानी पीना पड़ रहा है। से टंकी से आने वाली पाइप लाइन व नल जल योजना के अंतर्गत बने पानी सप्लाई में जगह जगह लीकेज पाइपलाइन से घरों में जाने वाली पाइप लाइन जगह जगह से लीकेज के कारण 50 फीसदी पानी लीकेज के कारण व्यर्थ बह जाता है। ग्रामीणों द्वारा लाइन के जर्जर की शिकायत करने के बावजूद अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं और लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रह है।
ठेकेदार की मनमानी -नल जल योजना के काम को अधूरा छोड़कर कुछ कनेक्शन पूर्व मे बने पानी टंकी पाइपलाइन सप्लाई में जोड़ दिया गया आला-अधिकारियों के मिली भगत से किया गया है।केवल कागजों कागजों पर ही कार्यवाही बनकर रह गया ग्राम वासियों का नल जल कनेक्शन योजना के तहत मिलने वाले सुविधाएं कागजों पर इस सिमट कर रह गई।

